- उज्जैन में युवती पर बीच सड़क जानलेवा हमला: पहले पीछा करने की शिकायत, कार्रवाई न होने के 11 दिन बाद आरोपी ने किए 14 चाकू के वार
- उज्जैन पहुंचे दिग्विजय सिंह, राम मंदिर ट्रस्ट पर साधा निशाना: चंपत राय के खिलाफ कार्रवाई की मांग, कांग्रेस चलाएगी जनजागरण अभियान
- उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों पर बड़ी कार्यशाला, सीएम मोहन यादव बोले- 40 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए हर स्तर पर हों पुख्ता इंतजाम
- महाकाल मंदिर में शनिवार की भस्म आरती, राजा स्वरूप में भक्तों को दिए दिव्य दर्शन
- Ujjain Blast Case: बड़नगर विस्फोट मामले में ATS की एंट्री, फोरेंसिक जांच के बीच क्रेन मालिक का बयान आया सामने
50 फीट गहरे कुएं में गिरी गर्भवती गाय: 2 घंटे के रेस्क्यू के बाद सुरक्षित निकाला, ग्राम जैथल टैक की घटना; पुलिस-ग्रामीणों ने मिलकर बचाया
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन जिले के घट्टिया क्षेत्र के पास स्थित ग्राम जैथल टैक में शनिवार को एक गर्भवती गाय के साथ हुई दुर्घटना ने पूरे गांव को चिंता में डाल दिया, लेकिन समय रहते हुए प्रयासों ने एक बड़ा हादसा टाल दिया। करीब 50 फीट गहरे एक खुले कुएं में गिरने के बाद गाय को बचाने के लिए पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर लंबा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, जो आखिरकार सफल रहा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब गाय गांव में घूम रही थी। इसी दौरान वह अचानक बिना मुंडेर वाले कुएं में जा गिरी। कुएं में पहले से पानी भरा हुआ था, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई, क्योंकि डूबने का खतरा लगातार बना हुआ था। जैसे ही ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली, उन्होंने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू कर दिया। सबसे पहले कुएं में मोटर डालकर पानी निकालने का प्रयास किया गया, ताकि गाय को सांस लेने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके।
इसी बीच घटना की सूचना घट्टिया थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक शैलेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल क्रेन की व्यवस्था करवाई गई, ताकि सुरक्षित तरीके से गाय को बाहर निकाला जा सके।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान गांव के दो युवकों—शुभम परमार और दिव्यराज सिंह सोलंकी—ने उल्लेखनीय साहस दिखाया। दोनों युवक क्रेन के सहारे कुएं के भीतर उतरे और बड़ी सावधानी से गाय को पट्टों से बांधा, ताकि उसे बिना चोट पहुंचाए ऊपर लाया जा सके। इसके बाद क्रेन की मदद से धीरे-धीरे गाय को बाहर निकाला गया।
करीब दो घंटे तक चले इस पूरे अभियान के बाद आखिरकार गाय को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस प्रयास में उपनिरीक्षक शैलेंद्र सिंह के साथ प्रधान आरक्षक शांतिलाल जाट और विक्रम मालवीय की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
घटना के बाद गांव में राहत का माहौल देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने पुलिस टीम और दोनों युवकों के साहस और तत्परता की सराहना की, जिनकी वजह से एक गर्भवती गाय की जान बचाई जा सकी।